
कपकोट (बागेश्वर)। खीरगंगा नदी के तेज बहाव में बहने से लापता हुए राजेंद्र राम का शव आखिरकार चार दिन बाद शुक्रवार सुबह बरामद कर लिया गया है। शव मिलते ही मृतक के परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम छा गया।
बता दें कि चार दिन पूर्व राजेंद्र राम संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। उनके भतीजे सुंदर की तहरीर पर कपकोट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस बीच ग्रामीण ललित मोहन कोश्यारी ने नदी में एक शव बहते हुए देखा था, जिसकी सूचना पंचायत प्रतिनिधि भगवत प्रसाद को दी गई। खोजबीन के दौरान सगड़देवी मंदिर के पास राजेंद्र राम की लाठी और छाता लावारिस हाल में मिले थे।
तभी से पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोग लगातार नदी किनारे सघन सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। शुक्रवार सुबह गांव के ही मोहन राम जब अन्य ग्रामीणों के साथ तलाश में निकले, तो गुलम पुल से 200 मीटर पीछे भैंसूंड़ी की तरफ गाड़ी से जाते वक्त उन्हें नदी किनारे शव पड़ा हुआ दिखाई दिया।
सूचना मिलते ही कपकोट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामे की कार्रवाई पूरी की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की अग्रिम जांच शुरू कर दी है।





