
भटके युवक को परिजनों से मिलाया, झूठी खबर फैलाने वाले तीन युवक चालान
बागेश्वर। एक मूक-बधिर युवक को बिना किसी ठोस आधार के ‘बांग्लादेशी’ बताकर संदिग्ध बनाने का मामला सामने आया है। बागेश्वर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न केवल अफवाह की पोल खोली, बल्कि भटके हुए युवक को उसके परिजनों से सकुशल मिलाकर मानवता का परिचय दिया।
कुछ स्थानीय युवक एक लगभग 30 वर्षीय मूक-बधिर व्यक्ति को थाना कपकोट लेकर पहुंचे और उसे बांग्लादेशी बताते हुए संदिग्ध होने का दावा करने लगे। युवक के बोलने में असमर्थ होने के कारण उसकी पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई।
मामले की गंभीरता को समझते हुए थानाध्यक्ष कपकोट श्री प्रताप सिंह नगरकोटी ने युवक की वेशभूषा और व्यवहार के आधार पर उसके स्थानीय निवासी होने की संभावना जताई। इसके बाद आसपास के गांवों में फोटो के माध्यम से त्वरित सत्यापन कराया गया। पुलिस की सक्रियता से युवक की पहचान देवेंद्र उर्फ बबलू पुत्र हरीश राम, निवासी ग्राम गडुवा सिरमौर, थाना कांडा के रूप में हुई।
युवक के पिता हरीश राम थाने पहुंचे और बताया कि उनका पुत्र मूक-बधिर है, जो घर से रास्ता भटककर चला गया था और परिजन उसकी तलाश में जुटे थे। पुलिस ने युवक को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द किया, जिस पर परिवार ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि युवक को थाने लाने वाले तीन नवयुवक बिना किसी तथ्य के उसे ‘बांग्लादेशी’ बताकर क्षेत्र में अफवाह फैला रहे थे। इससे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और तनाव का माहौल बनने की आशंका थी। पुलिस ने तीनों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/135 के तहत चालानी कार्रवाई की है।
बागेश्वर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के बारे में बिना पुष्टि अफवाह न फैलाएं, भ्रामक सूचनाओं से बचें और किसी भी संदिग्ध की सूचना सीधे पुलिस को दें, कानून हाथ में लेने से बचें।





