
फर्जी पासबुक बनाकर 59 खाताधारकों से की थी ₹36 लाख की धोखाधड़ी, कोर्ट ने तीन अलग-अलग धाराओं में सुनाई सजा
बागेश्वर। डाकघर में खाताधारकों की गाढ़ी कमाई और जमा पूंजी का गबन करने वाले सिमगढ़ी के तत्कालीन डाकपाल सुरेंद्र सिंह पंचपाल को न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवानी नाहर की अदालत ने दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी तत्कालीन डाकपाल को तीन अलग-अलग धाराओं में कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
इस तरह हुआ था ₹36 लाख के महाघोटाले का खुलासा
सहायक लोक अभियोजक गौरव अग्रवाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2024 में डाक विभाग, बागेश्वर को कमेड़ीदेवी से फोन पर शिकायत मिली थी कि कुछ खाताधारक सिमगढ़ी पोस्ट ऑफिस में गबन का आरोप लगा रहे हैं।
- कमेटी का गठन: सूचना मिलने पर तत्कालीन डाक अधीक्षक अल्मोड़ा राजेश कुमार बिनवाल ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया।
- पकड़ी गई धोखाधड़ी: कमेटी की विस्तृत जांच में सामने आया कि डाकघर शाखा में लगभग 7 लाख रुपये कम हैं और अभियुक्त सुरेंद्र सिंह पंचपाल ने 18 फर्जी पासबुक बनाकर 59 खाताधारकों के साथ करीब 26 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है।
- गबन का दायरा बढ़ा: बाद में अन्य खाताधारकों की शिकायतें मिलने पर जब अग्रिम जांच की गई, तो कुल गबन की राशि लगभग 36 लाख रुपये तक पहुंच गई।
कड़ा एक्शन और कोर्ट की सख्त सजा
धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद कांडा थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक खुशवंत सिंह ने डाक विभाग और पीड़ितों की तहरीर पर धारा 409, 420, 467, 468, 471 आईपीसी में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के बाद उपनिरीक्षक कैलाश सिंह बिष्ट ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
दो साल पुराने इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक गौरव अग्रवाल और रश्मि कुलकोडिया ने प्रभावी पैरवी की। कोर्ट के समक्ष पुलिस, डाक विभाग और पीड़ित खाताधारकों सहित कुल 12 गवाहों और 47 दस्तावेजी साक्ष्यों को परीक्षित कराया गया।
सभी सबूतों और गवाहों के परिशीलन के बाद अदालत ने आरोपी सुरेंद्र सिंह पंचपाल को दोषी पाते हुए निम्नलिखित सजा सुनाई:
- धारा 409 (लोक सेवक द्वारा अमानत में खयानत): 3 वर्ष का कठोर कारावास और ₹8,000 अर्थदंड। अर्थदंड न देने पर 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
- धारा 467 (मूल्यवान सुरक्षा आदि की जालसाजी): 2 वर्ष का कठोर कारावास और ₹5,000 अर्थदंड। अर्थदंड न देने पर 3 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
- धारा 471 (फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करना): 1 वर्ष का कठोर कारावास और ₹3,000 अर्थदंड। अर्थदंड न देने पर 2 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।





