
तराई केंद्रीय वन प्रभाग की टीम ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ एक बेहद गोपनीय सूचना पर सीमा पार बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वन विभाग की टीम ने उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के स्वार क्षेत्र में औचक दबिश देकर करीब एक लाख रुपये मूल्य की बेशकीमती सागौन (टीक) की अवैध लकड़ी बरामद करने में सफलता हासिल की है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मुख्य तस्कर मौके से भागने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में टीमें जुट गई हैं।
मुखबिर की सटीक सूचना पर सीमा पार पड़ा छापा वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर महकमे को उत्तर प्रदेश सीमा से सटे इलाके में अवैध लकड़ी के बड़े स्टॉक की सटीक सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने बिना वक्त गंवाए स्वार स्थित नन्हे के फड़ पर अचानक छापेमारी कर दी। वहां अफरा-तफरी के बीच टीम ने मौके से सागौन प्रजाति के भारी गिल्टे बरामद कर उन्हें अपने कब्जे में ले लिया।
पीपल पड़ाव लाई गई लकड़ी, बड़े नेटवर्क की आशंका जब्त की गई बेशकीमती लकड़ी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए तुरंत वन क्षेत्र कार्यालय पीपल पड़ाव लाया गया है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, बरामद सागौन का बाजार मूल्य करीब एक लाख रुपये आंका जा रहा है। वन विभाग की टीम अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में सागौन के पेड़ किस सरकारी या आरक्षित वन क्षेत्र से काटे गए थे और इस अंतरराज्यीय तस्करी के नेटवर्क में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं।
फरार आरोपी पर केस दर्ज, कार्रवाई की तैयारी मौके से फरार हुए मुख्य आरोपी के खिलाफ वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (लोकल केस) दर्ज कर ली है। छापेमारी की इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में वन क्षेत्राधिकारी पीसी जोशी, वन दारोगा सुरेंद्र सिंह, वन आरक्षी अनंगपाल सहित अन्य वनकर्मी शामिल रहे। वन अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही तस्कर को गिरफ्तार कर इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया जाएगा।





