
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिला बाजार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का संदेश
बागेश्वर। नुमाइशखेत मैदान में आयोजित तीन दिवसीय सरस मेले का बुधवार को समापन हो गया। मेले में 35 स्टॉलों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं सहित विभिन्न विभागों ने स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक कला का प्रदर्शन एवं विक्रय किया।
समापन अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार ने कहा कि सरस मेला ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का बेहतर माध्यम है। उन्होंने महिलाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने और लखपति दीदी बनने का लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया।
मेले में लोकगीत, लोकनृत्य, मेहंदी और एपण प्रतियोगिताओं के साथ विभिन्न सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियां आयोजित की गईं। वहीं, बायर-सेलर मीट के जरिए महिला समूहों को संभावित खरीदारों से जोड़कर विपणन के नए अवसर उपलब्ध कराने की पहल की गई।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक संगीता आर्या सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।







