
- नदीगांव रोड स्थित डिगर पातल की गहरी खाई से बरामद हुआ सड़ी-गली अवस्था में शव
- अवैध संबंधों के विवाद और विरोध के बाद लोहे की रॉड से की गई थी हत्या, कार से ले जाकर नदी में फेंका था शव
- पुलिस की वैज्ञानिक और तकनीकी सुरागरसी से हुआ सनसनीखेज पर्दाफाश, दोनों आरोपी गिरफ्तार
बागेश्वर।
चर्चित अधिवक्ता एवं पूर्व सभासद धीरेंद्र परिहार हत्याकांड का बागेश्वर पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाली मुख्य आरोपी महिला और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का शव, हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली है।
यह था पूरा घटनाक्रम
कोतवाली बागेश्वर में वादिनी श्रीमती नंदी परिहार (पत्नी स्व. गोविंद सिंह, निवासी तल्ली बाजार बागनाथ वार्ड) ने 31 अक्टूबर 2026 को तहरीर दी थी कि उनके 35 वर्षीय पुत्र धीरेंद्र परिहार उर्फ कक्कू गत 17 अक्टूबर की शाम 6:00 बजे बागेश्वर बाजार गए थे और वापस नहीं लौटे। तहरीर के आधार पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी व कोतवाल के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया।
पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने, पंपलेट चस्पा करने और मोबाइल सर्विलांस व तकनीकी विश्लेषण का सहारा लिया। जांच में सामने आया कि गुमशुदगी के दिन से ही अंतिम बार एक संदिग्ध नंबर पर लगातार बातचीत हुई थी। वह नंबर नुमाइशखेत निवासी लता भंडारी (पत्नी स्व. मोहित भंडारी, उम्र 42 वर्ष) के नाम पर पंजीकृत पाया गया।
कड़ी पूछताछ में महिला ने उगला सच
पुलिस द्वारा जब मृतका के घर के आसपास चेकिंग की गई, तो लापता अधिवक्ता की जूपिटर स्कूटी चिल्ड्रन पार्क नुमाइशखेत के पास पार्क मिली। इसके अलावा 19 अक्टूबर की रात्रि में संदिग्ध महिला की कार जाते हुए चिन्हित की गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी महिला लता भंडारी ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि 17 अक्टूबर की रात धीरेंद्र परिहार अत्यधिक शराब के नशे में उसके घर आए थे और जबरदस्ती करने लगे। विरोध करने पर गुस्से में उसने घर में रखी लोहे की रॉड से उनके सिर पर दो बार प्रहार कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
भाई की मदद से ठिकाने लगाया था शव
हत्या के बाद आरोपी महिला ने शव को अपनी चारपाई के नीचे छिपा दिया था। अगली सुबह (18 अक्टूबर) उसने कठायतबाड़ा जाकर अपने भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू बिष्ट (पुत्र मदन सिंह बिष्ट, उम्र 39 वर्ष) को पूरी बात बताई। रात में भाई उसके घर आया और दोनों ने मिलकर शव को कार (मैग्नाइड कार संख्या UK02B 3843) की पिछली सीट पर रखकर बागेश्वर-गिरेछिना मोटर मार्ग के समीप थुणाई बैंड के पास से नीचे नदी में फेंक दिया।
शव और हथियार बरामद, आरोपी गिरफ्तार
अभयुक्तों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने 3 नवंबर की शाम सड़ी-गली अवस्था में नदी के पास से शव बरामद किया। साथ ही घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड और कार भी जब्त कर ली गई है। पुलिस ने मुकदमे में धाराएं तरमीम कर वैज्ञानिक व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है और अग्रिम विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।







