
मानसून तैयारियों की समीक्षा में लापरवाही पर जताई नाराजगी, सभी विभागों को अलर्ट रहने के आदेश
बागेश्वर। आगामी मानसून अवधि के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने अनुपस्थित अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाया। बैठक में गैरहाजिर अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को पूरी सतर्कता तथा समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर समय रहते सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में राहत एवं बचाव उपकरणों की उपलब्धता, संचार व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सड़क मार्गों की स्थिति की समीक्षा की गई। सड़क निर्माणदायी संस्थाओं को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में जेसीबी मशीनें एवं अन्य उपकरण तैनात रखने तथा ऑपरेटरों की अद्यतन संपर्क सूची प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया।
नगर निकायों को नालियों, कलमटों एवं जल निकासी तंत्र की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को संभावित प्रसव वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, जीवनरक्षक दवाइयों का पर्याप्त भंडारण तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार रखने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को संभावित आपदा प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आगामी छह माह के लिए खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं शिक्षा विभाग और बाल विकास विभाग को संवेदनशील विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने तथा विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
उन्होंने सभी आईआरएस टीमों को सक्रिय रहने, तहसीलों में कंट्रोल रूम, सैटेलाइट फोन एवं वायरलेस संचार प्रणाली को कार्यशील रखने तथा उपलब्ध संसाधनों की अद्यतन सूची तैयार रखने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





