भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, गड्ढामुक्त सड़कें सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: डीएम अपूर्वा पाण्डे

ख़बर शेयर करें -

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई में जिलाधिकारी ने सुनीं 38 शिकायतें; लापरवाह अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी, कहा— ‘सिर्फ पत्राचार नहीं, धरातल पर दिखना चाहिए काम’

बागेश्वर। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया. इस दौरान आपदा, पेंशन, बिजली, पानी और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों से जुड़ी कुल 38 शिकायतें दर्ज की गईं. जिलाधिकारी ने जनसमस्याओं को बेहद गंभीरता से सुनते हुए अधिकांश मामलों का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि शेष बचे जटिल प्रकरणों को तय समयसीमा के भीतर हल करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंप दिया.

जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में केवल पत्राचार करना ही अधिकारियों का दायित्व नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि काम धरातल पर पूरा हो और जनता को उसका वास्तविक लाभ मिले. उन्होंने सभी अभियंत्रण सेवा विभागों को कड़े निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के अनुरूप जिले की सभी सड़कों को अनिवार्य रूप से गड्ढामुक्त रखा जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. डीएम ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में प्रशासन पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलेगा और शिकायत की पुष्टि होने पर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

यह भी पढ़ें 👉  प्रभारी मंत्री राम सिंह कैड़ा की उपस्थिति में धूमधाम से मनाया गया हरेला पर्व, जौलकांडे में हुआ व्यापक पौधरोपण

बैठक में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी अहम चर्चा हुई. जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले के ऐसे सभी विद्यालयों का तत्काल सर्वे कराया जाए, जहां बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए संवेदनशील रास्तों, कच्ची पुलियों या झूलापुलों से होकर गुजरना पड़ता है, ताकि वहां समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें. इसके अलावा नगर क्षेत्र में बढ़ रहे बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका को वन विभाग के साथ मिलकर एक प्रभावी कार्ययोजना और नियंत्रण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए.

यह भी पढ़ें 👉  हंगामा करने पर पुलिस का 'प्रहार', बागेश्वर में शांति भंग करने वाला आरोपी गिरफ्तार

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की विभागवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कुछ विभागों के कम कॉलिंग प्रतिशत पर गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क की दर किसी भी हाल में 70 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी औपचारिकता बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना जरूरी है. इस जनसुनवाई कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी आर. सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन. एस. नबियाल सहित विभिन्न विभागों के तमाम जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे.

ADVERTISEMENTS Ad