आस्था, परंपरा और संस्कृति का संगम,13 से सजने जा रहा ऐतिहासिक उत्तरायणी मेला

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बागेश्वर। सरयू और गोमती नदियों के पावन संगम पर हर वर्ष आस्था, संस्कृति और लोकपरंपराओं का अद्भुत संगम प्रस्तुत कने वाला ऐतिहासिक उत्तरायणी मेला इस वर्ष 13 जनवरी से 20 जनवरी तक भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इसी क्रम में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मेले के पोस्टर एवं आमंत्रण पत्र का विमोचन किया गया।

उत्तरायणी मेला न केवल बागेश्वर की पहचान है, बल्कि यह कुमाऊँ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककलाओं, पारंपरिक व्यापार और धार्मिक आस्था का प्रतीक भी है। मकर संक्रांति के अवसर पर दूर-दराज़ के क्षेत्रों से श्रद्धालु सरयू-गोमती संगम में आस्था की डुबकी लगाते हैं, वहीं लोकनृत्य, लोकगीत, सांस्कृतिक झांकियां और स्थानीय उत्पाद मेले की रौनक बढ़ाते हैं। विमोचन कार्यक्रम में बागेश्वर विधायक पार्वती दास, कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह विष्ट, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, मेलाधिकारी प्रियंका रानी, सभासद एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों ने उत्तरायणी मेले को लोकसंस्कृति को जीवंत रखने वाला पर्व बताते हुए इसके सफल, सुरक्षित और भव्य आयोजन की कामना की। प्रशासन द्वारा मेले को सुव्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जा रही हैं।

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