नमामि गंगे में सख्ती: जिलाधिकारी ने नगर स्वच्छता पर कसा शिकंजा, छह माह में लीगेसी वेस्ट खत्म करने के निर्देश

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बागेश्वर। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत नगर स्वच्छता एवं ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर क्षेत्र में वर्तमान अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति, जल निकासी व्यवस्था तथा सोक पिट की कार्यशीलता की विस्तृत जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी ने सोक पिट के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानने के लिए ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के माध्यम से समग्र सर्वेक्षण कराकर एक माह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिए। उन्होंने ठोस एवं तरल अपशिष्ट के अनिवार्य पृथक्करण को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नगर क्षेत्र में छह माह के भीतर लीगेसी वेस्ट को पूरी तरह शून्य करने का स्पष्ट लक्ष्य तय किया। नगर की ड्रेनेज योजना की डीपीआर में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए शीघ्र डीपीआर तैयार कराने के निर्देश दिए।
स्वच्छता शुल्क संग्रह और चालान की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए लक्ष्य आधारित वसूली और चालानों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि नगर की स्वच्छता केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि जनता की भी जिम्मेदारी है। जन सहभागिता के बिना स्वच्छ बागेश्वर की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने अपशिष्ट संग्रह में स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके बीच सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान पर जोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न, मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी, अपर जिलाधिकारी एनएन नबियाल, परियोजना अधिकारी विवेक परिहार सहित सभी अधिशासी अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।