कैबिनेट का बड़ा फैसला: 1.11 लाख करोड़ का बजट और UCC संशोधन विधेयक को मिली मंजूरी

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है। कैबिनेट ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट प्रस्ताव को अपनी सहमति दे दी है। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि कुल 32 मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनमें से 28 प्रस्तावों को कैबिनेट ने पारित कर दिया है।


बजट 2026-27: 10 फीसदी की बढ़ोतरी

कैबिनेट ने आगामी विधानसभा सत्र में पेश होने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को मंजूरी दे दी है। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष बजट में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। बजट में किसी भी अंतिम समय के संशोधन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।

समान नागरिक संहिता (UCC) और न्यायिक सुधार

मंत्रिमंडल ने समान नागरिक संहिता (UCC), उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी देकर इसे सदन के पटल पर रखने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। इसके साथ ही न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए:

  • विकासनगर (देहरादून), काशीपुर (उधमसिंह नगर) और नैनीताल मुख्यालय में 03 अतिरिक्त फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (Fast Track Special Courts) की स्थापना होगी।
  • प्रदेश के न्यायालयों के बेहतर प्रबंधन के लिए कुल 14 कोर्ट मैनेजरों (01 हाईकोर्ट और 13 जिला न्यायालयों हेतु) के नए पद सृजित किए जाएंगे।
  • हल्द्वानी में GST अपीलीय अधिकरण की एक अतिरिक्त राज्य पीठ या सर्किट बेंच की स्थापना को भी हरी झंडी मिल गई है।
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शिक्षा और रोजगार में नई पहल

  • विशेष शिक्षकों का नियमितीकरण: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में, माध्यमिक शिक्षा विभाग में संविदा/आउटसोर्स पर कार्यरत 04 विशेष शिक्षकों को सहायक अध्यापक (एल.टी.) के पद पर नियमित नियुक्ति दी जाएगी।
  • डिजिटल और शोध प्रोत्साहन: ‘स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड डिजिटल पुस्तकालय योजना’ को मंजूरी दी गई है। साथ ही, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना में 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को भी शामिल किया गया है।
  • नए पदों का सृजन: सभी 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंताओं की संविदा पर भर्ती होगी।
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पोषण और कृषि क्षेत्र को सौगात

  • महिला-बाल पोषण: ‘मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान’ और ‘महिला पोषण योजना’ में संशोधन कर आहार का दायरा बढ़ाया गया है। अब अंडा, दूध और केला के अलावा अन्य पोषक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।
  • सेब और मौन पालन: प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए ‘सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026’ और नई ‘मौन पालन (मधुमक्खी पालन) नीति 2026’ को लागू करने का निर्णय लिया गया है।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • जल नीति: विश्व बैंक पोषित ‘उत्तराखंड दक्ष जलापूर्ति कार्यक्रम’ और उपचारित जल (Treated Water) के सुरक्षित पुन: उपयोग के लिए नीति 2026 को मंजूरी मिली।
  • प्रशासनिक फेरबदल: ‘सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो’ को अब औद्योगिक विकास विभाग से हटाकर वित्त विभाग के अधीन कर दिया गया है।
  • वन विभाग: उत्तराखंड वन विभाग सर्वेक्षक सेवा नियमावली 2010 में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई।
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