
बागेश्वर। जिला गंगा समिति की बैठक जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम कोंडे ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विनोद सिंह जीना को नगर में लंबित लेगेसी वेस्ट का निस्तारण सितंबर तक हर हाल में शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने गरुड़ और कपकोट नगर पंचायतों ने भी लेगेसी वेस्ट की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की। डीएम ने स्पष्ट किया कि जहां कचरा हटने के बाद भूमि खाली हो रही है, वहां पार्क, उद्यान या अन्य जनोपयोगी परियोजनाएं विकसित की जाएं। विशेष रूप से कपकोट में इसे मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए। तरल अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए प्रत्येक निकाय और ग्राम पंचायत से कुल परिवारों व निर्मित सोख गड्ढों का ब्योरा मांगा गया। स्वच्छ गांवों को मॉडल ग्राम घोषित कर अन्य पंचायतों को वहां से सीख लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कचरा जलाने, प्लास्टिक के अनुचित निस्तारण और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों पर सख्त जुर्माना लगाने के आदेश दिए। अवैध डंपिंग के हॉटस्पॉट चिन्हित कर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को मजबूत कर शत-प्रतिशत घरों को कवर करने और राजस्व बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि स्वच्छता अभियान नहीं, जनआंदोलन है। नमामि गंगे के लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करनी होगी, ताकि जनपद को स्वच्छ और पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित बनाया जा सके।





