
मालता के बग्जीबल्ला में संयुक्त गश्ती टीम को मिली सफलता; पूछताछ में आरोपी ने कबूली अपनी गलती
प्रभागीय वनाधिकारी ने कहा: वनाग्नि फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाई
बागेश्वर। उत्तराखंड के पर्वतीय जंगलों को धधकने से बचाने और वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बागेश्वर वन प्रभाग ने अपनी गश्त और निगरानी तेज कर दी है. वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गुप्त अभियान के तहत टीम ने बागेश्वर वन क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मालता के तोक बग्जीबल्ला में एक व्यक्ति को वनों में आग लगाते हुए रंगे हाथ धर दबोचा है. वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से वनाग्नि फैलाने वाले असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है.
गश्ती टीम ने मौके पर पकड़ा, आरोपी ने गुनाह कबूला प्रभागीय वनाधिकारी (डी.एफ.ओ.) आदित्य रत्न ने बताया कि वनों में आग की घटनाओं को रोकने और वन संपदा की सुरक्षा के लिए प्रत्येक रेंज में विशेष टीमों का गठन कर गश्त की जा रही है. बुधवार (27 मई) की सायं लगभग 6:30 बजे वन क्षेत्राधिकारी बागेश्वर श्याम सिंह करायत और वन क्षेत्राधिकारी विक्रम सिंह कैड़ा के नेतृत्व में संयुक्त टीम क्षेत्र में गश्त पर थी. इसी दौरान टीम ने ग्राम मालता तोक बग्जीबल्ला निवासी पुष्कर सिंह पुत्र स्वर्गीय मोहन सिंह को जंगलों में आग लगाते हुए पाया. वन कर्मियों ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया. कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी पुष्कर सिंह ने वनों में आग लगाने की अपनी गलती स्वीकार कर ली है. (संवाद)
भारतीय वन अधिनियम के तहत केस दर्ज, लगा अर्थदंड पकड़े गए आरोपी के खिलाफ वन विभाग द्वारा बड़ी वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है. जांच के उपरांत संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम और प्रासंगिक वन नियमों के अंतर्गत आवश्यक केस दर्ज कर लिया गया है. इसके साथ ही विभाग की ओर से आरोपी पर भारी अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया गया है और उससे वसूली की कार्रवाई की जा रही है.
तकनीकी माध्यमों से निगरानी, वन विभाग ने की अपील डी.एफ.ओ. आदित्य रत्न ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वनाग्नि फैलाने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी. उन्होंने बताया कि वन प्रभाग द्वारा निरंतर जनजागरूकता अभियानों के साथ-साथ गश्त और आधुनिक तकनीकी माध्यमों से वनों की निगरानी की जा रही है. वन विभाग ने आम जनता से भी पुरजोर अपील की है कि वे वन क्षेत्रों में किसी भी सूरत में आग न लगाएं. यदि कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि या वनाग्नि की घटना दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल अपने निकटतम वन विभाग कार्यालय या गश्ती टीम को दें ताकि हमारी वन संपदा सुरक्षित रह सके.





