दुग्ध उत्पादन को मिलेगी नई गति: जिलाधिकारी ने परखी व्यवस्थाएं, कहा- गुणवत्ता से समझौता नहीं

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बागेश्वर। जनपद में दुग्ध उत्पादन और विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने धरातल पर उतरकर मोर्चा संभाला है। सोमवार को जिलाधिकारी ने दुग्ध अवशीतन केंद्र कमेड़ी, क्षेत्रपाल सहकारी समिति और विकास भवन स्थित आंचल आउटलेट का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने साफ तौर पर निर्देशित किया कि दुग्ध की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

महिला उत्पादकों को मिलेगा ‘रियल टाइम’ भुगतान

क्षेत्रपाल स्थित दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महिला दुग्ध उत्पादकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी उत्पादकों को रियल टाइम भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि समयबद्ध भुगतान से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे डेयरी व्यवसाय के प्रति और अधिक प्रोत्साहित होंगी।

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कमेड़ी केंद्र में तैनात होंगे पीआरडी जवान

जिलाधिकारी ने कमेड़ी अवशीतन केंद्र के सुचारु संचालन के लिए वहां दो पीआरडी जवानों की तैनाती के निर्देश दिए। इसके साथ ही केंद्र में स्वच्छता मानकों को और अधिक सख्त करने को कहा ताकि गुणवत्तापूर्ण दुग्ध संग्रहण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने REAP योजना के अंतर्गत पात्र सदस्यों को ‘अल्ट्रा पुअर पैकेज’ से लाभान्वित करने और चारा नर्सरी के विकास पर जोर देने के निर्देश भी दिए।

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आंचल आउटलेट को मिला 50 हजार की आय का लक्ष्य

विकास भवन स्थित आंचल आउटलेट के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने इसे प्रतिदिन सुबह और शाम चार-चार घंटे नियमित रूप से खोलने के निर्देश दिए। उन्होंने आउटलेट संचालक को अगले माह तक 50 हजार रुपये की आय का लक्ष्य दिया है। सहायक निदेशक डेयरी अनुराग मिश्रा ने अवगत कराया कि वर्तमान में कमेड़ी केंद्र में 85 समितियों के माध्यम से प्रतिदिन 2200 लीटर और क्षेत्रपाल समिति में 240 लीटर दूध का संग्रहण हो रहा है।

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