
देहरादून: परेड ग्राउंड में आयोजित उत्तरायणी मेला 2026 में इस बार पहाड़ों का पारंपरिक स्वाद और महिला शक्ति का जज्बा आकर्षण का केंद्र बना रहा। महिला सशक्तिकरण और स्थानीय रोजगार को नई दिशा दे रही संस्था हिमफ्ला प्राइवेट लिमिटेड ने मेले में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई।काकड़ीघाट की महिलाओं के हुनर को मिला बड़ा मंचकाकड़ीघाट क्षेत्र में पहाड़ी पिसी नूण का उत्पादन कर कई स्थानीय महिलाओं को रोजगार दे रही हिमफ्ला ने 05 फरवरी से 08 फरवरी तक चले इस मेले में सक्रिय भागीदारी की। स्टॉल पर रखे गए पर्यावरण-अनुकूल और हस्तनिर्मित पहाड़ी उत्पादों को लोगों ने खूब पसंद किया। पारंपरिक तरीके से तैयार इन उत्पादों ने अपनी शुद्धता और बेहतरीन स्वाद से आगंतुकों को खासा प्रभावित किया।गीता धामी ने की ‘नमक आंदोलन’ की तारीफमेले के दौरान मुख्यमंत्री उत्तराखंड की धर्मपत्नी और धारणी संस्था की अध्यक्ष गीता धामी ने हिमफ्ला के स्टॉल का भ्रमण किया। उन्होंने संस्था द्वारा चलाए जा रहे ‘नमक आंदोलन’ को बारीकी से समझा और इसे महिला आजीविका व स्वरोजगार की दिशा में एक बड़ी पहल बताया।उन्होंने कहा कि यह उत्पाद महिला सशक्तिकरण के लिए एक ‘अचूक हथियार’ है। चर्चा के दौरान उन्होंने स्वयं इस उत्पाद का वृहद प्रचार-प्रसार करने की बात संस्था के डायरेक्टर योगेंद्र सिंह, सौरभ पंत और संदीप पांडे से कही।आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदमउत्तरायणी मेला 2026 में हिमफ्ला की यह भागीदारी स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि रही। यह प्रयास न केवल पहाड़ी संस्कृति को सहेज रहा है, बल्कि सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूती दे रहा है।





