
बागेश्वर जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय में एन-कॉर्ड (NCORD) की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में जनपद में नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने, नशे के स्रोतों की पहचान करने और जनजागरूकता अभियानों को गति देने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
सप्लाई चेन पर प्रहार और सख्त मॉनिटरिंग
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि एनडीपीएस (NDPS) के हर मामले में पुलिस और प्रशासन को नशे के मुख्य स्रोत तक पहुँचना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि केवल पेडलर्स की गिरफ्तारी काफी नहीं है, बल्कि पूरी आपूर्ति शृंखला (Supply Chain) को चिन्हित कर तोड़ना होगा।
- सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्रों के संदिग्ध व्यक्तियों का रिकॉर्ड संधारित करें और एनडीपीएस मामलों की अद्यतन सूची रखें।
- जनपद में चरस की आवक को लेकर विस्तृत विश्लेषण कर ठोस कार्ययोजना बनाने पर बल दिया गया।
स्कूलों और कॉलेजों पर विशेष नजर
नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग और पुलिस को सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी शिक्षण संस्थान में नशे से संबंधित कोई प्रकरण सामने आता है, तो उस पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- शिक्षा विभाग, पुलिस और एनजीओ के समन्वय से स्कूलों में निरंतर जागरूकता अभियान और संयुक्त निरीक्षण किए जाएंगे।
- अभियानों की नियमित रिपोर्टिंग और दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
‘मानस’ पोर्टल और सोशल मीडिया का उपयोग
नशा उन्मूलन की लड़ाई में तकनीक और जनभागीदारी को जोड़ने के लिए 1933 ‘मानस’ पोर्टल के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। इसके अलावा, नशे की लत छोड़ चुके व्यक्तियों के अनुभवों को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करने के निर्देश दिए गए, ताकि अन्य लोग भी इससे प्रेरणा ले सकें।
“बागेश्वर को नशामुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय, सतत निगरानी और रचनात्मक अभियानों के साथ आगे बढ़ना होगा।”
— आकांशा कोंडे, जिलाधिकारी, बागेश्वर
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, सीओ अजय साह, आबकारी अधिकारी डी.के. त्रिपाठी, पुलिस निरीक्षक सलाहुद्दीन खान, जिला शिक्षा अधिकारी विनय कुमार आर्य, ए.सी.एम.ओ. डॉ. अनुपमा ह्यांकी और मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।





