
बागेश्वर। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने अपने दो दिवसीय बागेश्वर दौरे के पहले दिन जनपद की विकास योजनाओं की सघन समीक्षा की। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मैराथन बैठक में आयुक्त ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और पेयजल जैसे बुनियादी ढांचों पर जोर देते हुए अधिकारियों को पारदर्शिता और समयबद्धता की सख्त हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सड़कों पर दिखें नाम पट्ट, सीएम हेल्पलाइन पर जताई नाराजगी
सड़क सुरक्षा और सुविधा को लेकर आयुक्त ने लोक निर्माण विभाग को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले की सभी सड़कों पर स्पष्ट नाम पट्ट (साइन बोर्ड) लगाए जाएं और इस कार्य को 60 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। वहीं, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की कॉलिंग प्रतिशतता कम होने पर आयुक्त ने असंतोष व्यक्त किया और इसे तत्काल बढ़ाने के निर्देश दिए।
नवाचार और खेती: काला धान और कीवी पर जोर
बैठक में जनपद की “अभिनव पहल” के तहत शुरू की गई काला धान की खेती और मत्स्य विभाग द्वारा ट्राउट मछली उत्पादन की उपलब्धियों को सराहा गया। उद्यान विभाग ने कीवी उत्पादन की आगामी 10 वर्षों की कार्ययोजना का रोडमैप प्रस्तुत किया। पशुपालन विभाग ने “गोट वैली योजना” और ब्रायलर फार्म नीति की प्रगति की जानकारी दी।
स्वास्थ्य और स्वच्छता की कलाई परखी
आयुक्त ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को फोन के जरिए खुद परखा। उन्होंने अस्पताल में लागू टोकन और सेंट्रल बिलिंग सिस्टम की सराहना की, लेकिन साथ ही “हैलो हेल्थ बागेश्वर” सेवा को 24 घंटे सुचारू रखने के निर्देश दिए। स्वच्छता के मुद्दे पर उन्होंने कौसानी क्षेत्र में शौचालयों का पुनः सर्वे करने और निकायों को लिगेसी वेस्ट के पूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।





