
उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2026 के लिए सार्वजनिक अवकाशों की सूची जारी कर दी है । सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अगले साल प्रदेश में त्यौहारों और विशेष दिवसों पर छुट्टियों की भरमार रहेगी । शासन ने इस संबंध में विस्तृत कैलेंडर जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि कौन सी छुट्टियां सचिवालय और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में लागू होंगी और कौन सी नहीं ।+3
प्रमुख त्यौहारों पर छुट्टियों की स्थिति
वर्ष 2026 की शुरुआत में ही गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) सोमवार को पड़ रहा है, जिससे सरकारी कर्मचारियों को लंबा सप्ताहांत (Long Weekend) मिल सकता है । इसके अलावा मुख्य त्यौहारों की तिथियां इस प्रकार हैं:
- होली: 04 मार्च (बुधवार)
- ईद-उल-फितर: 21 मार्च (शनिवार)
- दीपावली: 08 नवंबर (रविवार)
- ईगास-बग्वाल: 20 नवंबर (शुक्रवार)
- क्रिसमस: 25 दिसंबर (शुक्रवार)


सचिवालय और पांच दिवसीय कार्यालयों के लिए नियम
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि अनुसूची-2 में शामिल छुट्टियां जैसे चेटीचन्द (19 मार्च), विश्वकर्मा पूजा (17 सितंबर) और गुरु तेगबहादुर शहीद दिवस (24 नवंबर) सचिवालय, विधानसभा और उन कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश के रूप में मान्य नहीं होंगी जहां पांच दिवसीय सप्ताह लागू है । इन अवकाशों को वहां के कर्मचारी ‘निर्बन्धित अवकाश’ (Restricted Holiday) के तौर पर ले सकेंगे ।+2
बैंकों और कोषागारों के लिए अलग व्यवस्था
बैंकों, कोषागारों और उप-कोषागारों के लिए छुट्टियां ‘निगोशिएबल इन्स्ट्रुमेन्ट एक्ट, 1881’ के तहत तय की गई हैं । अनुसूची-4 के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 (बुधवार) को वाणिज्यिक बैंकों की वार्षिक लेखाबंदी के कारण सार्वजनिक अवकाश रहेगा ।+3
जिलाधिकारियों को स्थानीय अवकाश का अधिकार
शासन ने जिलाधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि वे अपने स्तर से अधिकतम 3 स्थानीय छुट्टियां घोषित कर सकते हैं । हालांकि, इन स्थानीय अवकाशों के दौरान भी उत्तराखंड विधानसभा, सचिवालय और पांच दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालय खुले रहेंगे ।+1
विशेष नोट: सूची में दर्शाए गए मुस्लिम त्यौहार जैसे ईद और मोहर्रम स्थानीय चंद्र दर्शन के अनुसार मनाए जाएंगे । यदि चांद दिखने के आधार पर तिथि बदलती है, तो अवकाश का दिन स्वतः ही परिवर्तित मान लिया जाएगा, इसके लिए अलग से कोई आदेश जारी नहीं होगा ।





