बागेश्वर की नई डीएम अपूर्वा पाण्डे ने संभाली कमान, गिनाईं प्राथमिकताएं

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बागेश्वर

जनपद की नवनियुक्त जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने आज विधिवत रूप से बागेश्वर का कार्यभार संभाल लिया है। कलेक्ट्रेट परिसर में पदभार ग्रहण करने से पहले उन्होंने ऐतिहासिक बागनाथ मंदिर में माथा टेका और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जनपद की सुख-समृद्धि की कामना की। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने प्रेस वार्ता में जिले के विकास और जनसमस्याओं के समाधान को लेकर अपना रोडमैप सामने रखा।

अपूर्वा पाण्डे ने साफ किया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

1. आमजन की समस्याएं और सरलीकरण

जिलाधिकारी ने कहा किमुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में शासन और जनता के बीच के संपर्क को सरल बनाया जाएगा। लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित समाधान करना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता होगी ताकि आम जनता का जीवन सुगम हो सके।

2. जल स्रोतों और नदियों का संरक्षण

पहाड़ी क्षेत्रों में पानी के संकट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए पेयजल संकट न हो, इसके लिए नदियों और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण व संवर्धन पर विशेष फोकस रहेगा, ताकि हर घर को स्वच्छ जल मिल सके।

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3. पलायन पर रोक और स्थानीय रोजगार

पहाड़ से हो रहे पलायन पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि विषम परिस्थितियों, रोजगार और उच्च शिक्षा के अभाव में लोग बाहर रुख करते हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप लाभार्थियों को चिह्नित किया जाएगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही आजीविका व रोजगार के अवसरों से जोड़ने का पूरा प्रयास होगा।

4. मुख्यमंत्री घोषणाओं की मॉनिटरिंग

उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री जी की घोषणाएं जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर हैं। जो भी विकास योजनाएं वर्तमान में चल रही हैं या किसी कारणवश अटकी हुई हैं, उनका बारीक परीक्षण (एग्जामिन) किया जाएगा और मॉनिटरिंग को मजबूत कर उन्हें गति दी जाएगी।

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5. महिला एवं गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य: एक गंभीर चुनौती

प्रेस वार्ता के दौरान जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर स्थिति और हाल ही में हुई एक गर्भवती महिला की मृत्यु का संवेदनशील मुद्दा भी उठा। इस पर जिलाधिकारी ने बेहद गंभीर रुख अपनाते हुए कहा:

“महिला स्वास्थ्य और विशेषकर गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी प्रायोरिटी है, क्योंकि यह सीधे हमारे नौनिहालों के भविष्य से जुड़ा है। हमारे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में क्या कमियां (गैप्स) हैं और वे किन कारणों से हैं, उन्हें पहले चिह्नित (आइडेंटिफाई) किया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि यदि प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की किसी कमी या समय पर इलाज न मिलने (अटेंशन की कमी) के कारण ऐसी दुखद घटनाएं हो रही हैं, तो उसका विशेष परीक्षण कराकर मामले की पूरी जांच की जाएगी और शासन के साथ समन्वय बिठाकर स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुधारा जाएगा।

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