
बी. जोशी रक्त कोष हल्द्वानी में पहला रक्तदान कर कृष्णा पांडे ने पेश की मानवता की मिसाल
हल्द्वानी। जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए अमूमन युवा पार्टी करने, घूमने-फिरने या दोस्तों के साथ जश्न मनाने का रास्ता चुनते हैं। लेकिन हल्द्वानी के राष्ट्रीय आर्म रेसलिंग चैंपियन कृष्णा पांडे ने अपने 18वें जन्मदिन (15 सितंबर) को समाज के लिए एक अनूठी और अनुकरणीय मिसाल में बदल दिया। उन्होंने अपने जन्मदिन के खास अवसर पर पहली बार रक्तदान कर मानव सेवा और जीवनदान की राह पर कदम बढ़ाया है।
कृष्णा पांडे ने बी. जोशी रक्त कोष, हल्द्वानी पहुंचकर अपना पहला रक्तदान किया। उनके इस निर्णय के पीछे उनके पिता आलोक पांडे की प्रेरणा रही है, जो स्वयं अब तक 45 बार रक्तदान कर चुके हैं और लंबे समय से सामाजिक सरोकारों में सक्रिय हैं। हालांकि आलोक पांडे ने बताया कि उन्होंने बेटे पर कभी कोई दबाव नहीं बनाया; कृष्णा ने खुद 18 वर्ष की आयु पूरी होते ही स्वेच्छा से रक्तदान करने का फैसला लिया। पिता के लिए यह क्षण अत्यंत संतोष और गर्व से भरा रहा कि उनकी अगली पीढ़ी ने सेवा के इन संस्कारों को अपनी जिम्मेदारी मानकर आगे बढ़ाया है।
रेड क्रॉस के सक्रिय सदस्य रहे कृष्णा पांडे पहले भी कई सामाजिक गतिविधियों में योगदान देते रहे हैं। रक्तदान के बाद उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि युवा शक्ति केवल खेल, शिक्षा और करियर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि युवा अपनी ऊर्जा का कुछ हिस्सा समाज सेवा में लगाएं तो एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जन्मदिन की खुशियां किसी जरूरतमंद को नया जीवन देकर साझा करना ही सबसे बड़ा उत्सव है।





