
बागेश्वर। जनपद में नशे के काले कारोबार की जड़ें खोदने के लिए पुलिस ने अब तक की सबसे कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई है। पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मेहरा (IPS) के कुशल निर्देशन में बागेश्वर पुलिस ने जिले के इतिहास में पहली बार पीआईटी एनडीपीएस (PIT NDPS) एक्ट (1988) का प्रयोग करते हुए एक शातिर स्मैक तस्कर को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपी के खिलाफ गृह सचिव, उत्तराखंड शासन की मुहर लगने के बाद यह कार्रवाई की गई है, जिससे नशे के माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
तस्कर सूर्या के काले कारनामों की लंबी फेहरिस्त जेल में बंद आरोपी सुरेश सिंह उर्फ सूर्या (33 वर्ष), पुत्र आन सिंह, निवासी द्वारसो, बागेश्वर कोई साधारण अपराधी नहीं है। वह पिछले कई वर्षों से जिले के युवाओं के भविष्य में जहर घोलने का काम कर रहा था। साल 2021 से 2025 के बीच पुलिस ने उसे छह बार भारी मात्रा में स्मैक के साथ दबोचा, लेकिन हर बार कानूनी पेचीदगियों का लाभ उठाकर वह जेल से बाहर आ जाता और दोबारा तस्करी शुरू कर देता।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 28 जुलाई 2021 को 5.18 ग्राम स्मैक, 12 जून 2022 को 18.55 ग्राम, 17 जनवरी 2023 को 4.55 ग्राम, 30 मार्च 2023 को 5.14 ग्राम, 08 जनवरी 2025 को 8.38 ग्राम और 14 नवंबर 2025 को 3.13 ग्राम स्मैक के साथ उसे गिरफ्तार किया गया था। हर बार एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई, लेकिन आदतन तस्करी के चलते उस पर कड़ी कार्रवाई अनिवार्य हो गई थी।
जिले का पहला मामला: गृह सचिव की मुहर के बाद चला कानून का चाबुक पीआईटी एनडीपीएस एक्ट सामान्य धाराओं से कहीं अधिक कड़ा कानून है। यह उन आदतन अपराधियों पर लगाया जाता है जिनका समाज के बीच रहना खतरनाक हो जाता है। बागेश्वर पुलिस ने इस शातिर तस्कर का पूरा कच्चा-चिट्ठा तैयार कर फाइल गृह सचिव, उत्तराखंड शासन को भेजी थी। शासन स्तर पर गहन समीक्षा के बाद इस पर सहमति मिलते ही पुलिस ने सूर्या को इस सख्त कानून के तहत कैद कर दिया है। अब इस एक्ट के तहत उसे लंबे समय तक जेल में रहना होगा और उसे जमानत मिलना लगभग नामुमकिन है।
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: एसपी का संदेश मामले की गंभीरता और इस ऐतिहासिक कार्रवाई पर पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मेहरा (IPS) ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जनपद बागेश्वर को नशामुक्त बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सुरेश सिंह उर्फ सूर्या जैसे आदतन अपराधी समाज के लिए नासूर बन चुके हैं। बार-बार जेल जाने के बावजूद इसकी गतिविधियों में कोई सुधार नहीं आ रहा था, इसीलिए जिले में पहली बार पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। गृह सचिव स्तर से इस पर मुहर लग चुकी है। यह उन सभी के लिए खुली चेतावनी है जो नशे के अवैध कारोबार में लिप्त हैं। अब सिर्फ जेल नहीं, बल्कि ऐसे कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई होगी जिनसे बाहर आना नामुमकिन होगा।





