
शहादत: सरयू-खीरगंगा संगम पर सैन्य सम्मान के साथ हुआ शहीद का अंतिम संस्कार, हर आंख हुई नम
बागेश्वर/कपकोट। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए जिले के जांबाज सपूत हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया को मंगलवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। बीथी गांव (कपकोट) निवासी स्पेशल फोर्सेज के इस वीर बलिदानी का पार्थिव शरीर जैसे ही सैन्य हेलीकॉप्टर से पीजी कॉलेज ग्राउंड पहुंचा, पूरा इलाका “भारत माता की जय” और “शहीद गजेंद्र सिंह अमर रहें” के नारों से गुंजायमान हो उठा।
सरयू और खीरगंगा के पावन संगम पर शहीद का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। 19 सिख रेजिमेंट की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। इस दौरान शहीद के पिता धन सिंह और माता चंद्रा देवी का धैर्य देख हर किसी का गला भर आया, वहीं पत्नी लीला देवी अपने सुहाग की शहादत पर गर्व और वियोग के बीच बेसुध नजर आईं।
हेलीकॉप्टर से पहुंचा पार्थिव शरीर
मंगलवार सुबह सेना का हेलीकॉप्टर शहीद का पार्थिव शरीर लेकर कपकोट पहुंचा। वहां मौजूद जनसैलाब अपने लाडले की एक झलक पाने को बेताब दिखा। जनप्रतिनिधियों, सैन्य अधिकारियों और प्रशासनिक अमले ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सैन्य अधिकारियों ने कहा कि गजेंद्र सिंह का अदम्य साहस और राष्ट्र सेवा के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
गमगीन हुआ पूरा जनपद
शहीद की अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। बीथी गांव से लेकर संगम तट तक केवल गम और गर्व का माहौल था। लोगों ने कहा कि जनपद ने अपना एक हीरा खो दिया है, लेकिन उनकी शहादत देश की सुरक्षा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखी जाएगी।
इन्होंने अर्पित की श्रद्धांजलि:
शहीद को अंतिम विदाई देने जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, पैरा लेफ्टिनेंट कर्नल हरी लुइस, विधायक सुरेश गड़िया, दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट, उपजिलाधिकारी अनिल चन्याल, सैनिक कल्याण अधिकारी विजय मनराल समेत सेना और पुलिस के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
दर्पण टुडे लाइव की ओर से नमन “सलाम उस मां को जिसने ऐसे वीर को जन्म दिया, सलाम उस पिता को जिसने अपना सहारा देश के लिए वार दिया। शहीद गजेंद्र सिंह गढ़िया की शहादत को दर्पण टुडे लाइव परिवार कोटि-कोटि नमन करता है।”





