
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में गुलदार का खौफ अब मासूमों की जान का दुश्मन बन गया है। रुद्रप्रयाग जिले की न्याय पंचायत सारी के सिन्द्रवाणी गांव में मंगलवार शाम एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी, जहां एक आदमखोर गुलदार मां के सामने से ही उसके 5 वर्षीय बेटे को झपटकर ले गया।
आंगन में खेल रहा था मासूम
जानकारी के मुताबिक, सिन्द्रवाणी निवासी हेमंत सिंह बिष्ट का 5 वर्षीय पुत्र दक्ष शाम करीब 5 बजे घर के आंगन में अपनी मां के साथ खेल रहा था। इसी दौरान घात लगाकर बैठे गुलदार ने अचानक हमला किया। हमला इतना बिजली की तेजी से हुआ कि जब तक मां कुछ समझ पाती, गुलदार बच्चे को मां के हाथों से छीनकर घने जंगल की ओर ओझल हो गया।
6 घंटे चला सर्च ऑपरेशन, 1 किमी दूर मिला शव
मां की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडे और मशालें लेकर जंगल की ओर दौड़े। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। भारी अंधेरे के बीच चले सर्च अभियान के बाद, रात करीब 11 बजे घर से 1 किलोमीटर दूर मासूम दक्ष का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। इस मंजर को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
इलाके में भारी आक्रोश और दहशत
ग्राम प्रधान पुष्पा देवी और जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि:
- इलाके में गुलदार की सक्रियता पहले से बनी हुई थी।
- वन विभाग की लापरवाही के कारण एक और चिराग बुझ गया।
- प्रशासन से मांग की गई है कि आदमखोर को तुरंत पकड़ा जाए या उसे ढेर करने के आदेश जारी किए जाएं।
पहाड़ में डर का साया
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है। लोग अपने बच्चों को घर से बाहर निकालने में भी डर रहे हैं। वन विभाग ने फिलहाल गश्त बढ़ा दी है, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।




