ब्रेकिंग: पंचायतों में नहीं बदलेगा आरक्षण, सभी 263 आपत्तियां निरस्त

ख़बर शेयर करें -

बागेश्वर। त्रिस्तरीय पंचायतों में पदों एवं स्थानों के आरक्षण के संबंध में उत्तराखण्ड शासन के निर्देशों के अनुपालन में पूर्व में प्रकाशित अनंतिम आरक्षण सूची के विरुद्ध प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई जिला सभागार में की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने की तथा मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, डिप्टी कलेक्टर जितेन्द्र वर्मा एवं डीपीआरओ सुंदर लाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सुनवाई में कुल 263 आपत्तियाँ प्राप्त हुईं, जिसमें बागेश्वर से 116, गरुड़ से 28 और कपकोट से 83 आपत्तियां प्राप्त हुई जिनमें से सभी आपत्तियों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए, तथ्यों के आधार पर विधिसम्मत एवं निष्पक्ष रूप से निस्तारित किया गया। समस्त आपत्ति बलहीन होने के कारण निरस्त करते हुए निस्तारित की गई ।

यह भी पढ़ें 👉  दहेज हत्या के मामले में कौसानी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपी पति गिरफ्तार

इस अवसर पर जिलाधिकारी की उपस्थित में जनसमूह को उत्तराखण्ड शासन के शासनादेश, उत्तराखण्ड पंचायतराज अधिनियम तथा संबंधित नियमावली के अंतर्गत आरक्षण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरक्षण निर्धारण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता एवं नियमों के अनुरूप की गई है, तथा शासन का उद्देश्य पंचायतों में सभी वर्गों की समान भागीदारी सुनिश्चित करना है।

यह भी पढ़ें 👉  ऑपरेशन प्रहार' के तहत झिरौली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध शराब के साथ एक गिरफ्तार

आपत्तियों की सुनवाई के उपरांत अंतिम सूची को  दिनांक 18 जून 2025 को  विकास खंड कार्यालयों, तहसीलों, जिला पंचायत एवं जिला पंचायतराज कार्यालय में सूचना पटों पर चस्पा किया जायेगा, ताकि जनसामान्य अवगत हो सके।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीण नागरिक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

ADVERTISEMENTS Ad