प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सरकार का तोहफा,आवेदन शुल्क, उम्र, दिव्यांग आरक्षण पर भी बड़ा फैसला

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प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को उत्तराखंड सरकार ने 3 बड़े तोहफे दिए हैं। दरअसल UKSSSC की परीक्षाएं रद्द होने के बाद इन परीक्षाओं को उत्तराखंड लोकसेवा आय़ोग द्वारा करवाया जाना है। जिन अभ्यर्थियों ने UKSSSC की पिछली परीक्षाओं में आवेदन किया था, उन्हें UKPSC द्वारा दोबारा कराई जा रही परीक्षाओं के लिए आवेदन शुल्क नहीं देना होगा। जिन पूर्व अभ्यर्थियों की उम्र सीमा पार हो चुकी है, उन्हें भी आवेदन करने की छूट मिली है।

UKSSSC की परीक्षाएं रद्द होने से कई अभयर्थियों के सामने एक और समस्या थी कि वे आवेदन की तय उम्र सीमा के आखिरी वर्ष में थे। ऐसे में नए सिरे से आवेदन करने में उनकी उम्र ज्यादा हो रही थी और वे आवेदन से वंचित रह सकते थे। लेकिन सरकार ने आदेश जारी किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने UKSSSC के प्रकाशित विज्ञापन के सापेक्ष पूर्व में आवेदन किया था तथा वर्तमान में वे UKPSC द्वारा प्रकाशित विज्ञापन में आवेदन हेतु अधिवयस्क हो जायेंगे, उकी अधिकतम आयु सीमा की गणना पिछली विज्ञप्ति के आधार पर ही मानी जाएगी। यानी अगर उनकी उम्र अब अगर ज्यादा भी हो, तो भी दोबारा आवेदन के योग्य होंगे।

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दरअसल UKSSSC की भर्तियों में घोटाले सामने आने के बाद करीब 18 परीक्षाएं, जो गतिमान थी उन्हें रदद कर दिया गया था। सरकार ने उक्त परीक्षाओं को UKPSC द्वारा नए सिरे से आयोजित करान का फैसला किया था। अब सरकार ने आदेश जारी कर कहा है कि जिन अभ्यर्थियों ने रद्द की गई पिछली परीक्षाओं में आवेदन किया था, उनसे दोबारा आवेदन करने के लिए शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा उक्त परीक्षाओं के लिए दोबारा ऑनलाइन फॉर्म भरने पर 26.55 रुपए का ट्रांजेक्शन शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।

शासन ने दिव्यांगों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण पर भी बडा आदेश दिया है। सासन को लगता है कि दिव्यांगों को 4 प्रतिशत आरक्षण देने में कई दिक्कतें आ रही हैं। आदेश के मुताबिक अब दिव्यांग व्यक्तियों के लिए रिक्तियों को एक पृथक वर्ग के रूप में अनुरक्षित किया जायेगा। दिव्यांगजन हेतु आरक्षित रिक्तियों पर चयनित व्यक्तियों को उन श्रेणियों में रखा जायेगा, जिनसे वे सम्बन्धित है। उदाहरण के लिए यदि कोई चयनित व्यक्ति अनुसूचित जाति श्रेणी से सम्बन्धित है, तो उसे आवश्यक समायोजन करके सम्बन्धित कोटे में रखा जायेगा, यदि वह अनुसूचित जनजाति श्रेणी से सम्बन्धित है, तो उसे आवश्यक समायोजन करके सम्बन्धित कोटे में रखा जायेगा, यदि वह अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी से सम्बन्धित है, तो उसे आवश्यक समायोजन करके सम्बन्धित कोटे में रखा जायेगा। इसी प्रकार यदि वह खुली प्रतियोगिता श्रेणी से सम्बन्धित है, तो उसे आवश्यक समायोजन करके सम्बन्धित श्रेणी में रखा जायेगा।

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