पुरस्कार वितरण के साथ ही धार्मिक और पौराणिक उत्तरायणी मेले का रंगारंग समापन

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धार्मिक, ऐतिहासिक और पौराणिक रूप से महत्व रखने वाले उत्तरायणी मेले का पुरस्कार वितरण के साथ ही रंगारंग समापन हो गया है।
समापन समारोह में जिपं अध्यक्ष बसंती देव, विधायक कपकोट सुरेश गढिया, अध्यक्ष नगर पालिका सुरेश खेतवाल, डीएम अनुराधा पाल, सीडीओ संजय सिंह, मेलाधिकारी/एसडीएम हरगिरि ने सभी सहयोगियों व कलाकारों को पुरस्कृत किया। विभागीय प्रदर्शनी में ग्राम्य विकास विभाग प्रथम स्थान पर रहा।


मेले के समापन व राष्ट्रीय बालिका दिवस पर अतिथियों द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढाओ योजनान्तर्गत विशाखा शाह, नेहा थापा, कोमल, दिव्या, वंदना रावत, पिंकी कनवाल तथा पूनम गढिया को राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने पर सम्मानित किया गया।जिले के सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया।

जिपं अध्यक्ष बसंती देव ने मेले को शान्ति पूर्वक संपन्न कराने में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व मेला कमेटी सहित ड्यूटी में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों व सुरक्षा बलों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेले हमारे सांस्कृतिक धरोहर है इन्हें संजोए रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने विभिन्न सांस्कृतिक दलों शानदार प्रस्तुतियों को भी सराहा।



विधायक सुरेश गढिया ने कहा कि मेलों के आयोजन से पहाडी पारम्परिक सांस्कृतिक धरोहर को देखने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि हमें सांस्कृतिक विरासत को बनाये रखने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने पारम्परिक विधाओं को बढावा देने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने मेले के सफल संचालन के लिए मेला समिति समेत सभी मेलार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तरायणी मेला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है। उन्होंने मेले में सहयोग कर रहे सभी अधिकारियों कर्मचारियों, पुलिस, मेला समिति के सदस्यों सहित आम जनता व व्यापारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बालिका दिवस की बधाई देते हुए कहा कि मेले के समापन अवसर के साथ ही बालिका दिवस का होना गर्व की बात है, उन्होंने बालिकाओं के सम्मान को आवश्यक बताया। उन्होंने मेले के दौरान इसके भव्य स्वरूप में निर्देशन व मार्गदर्शन के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी प्रकट किया।
जिलाधिकारी ने कहा राष्ट्र की सांस्कृतिक विविधता को समाहित करने वाला यह सांस्कृतिक आयोजन, हम सभी को अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन के संकल्प की भी याद दिलाता है। इस तरह के सांस्कृतिक मेले हमारी विलुप्त होती लोक विरासत को संरक्षण प्रदान कर रहा है, और आने वाली पीढ़ी को हमारी लोक संस्कृति से परिचित कराने का कार्य कर रहा है। राष्ट्र और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से जानने का अवसर प्रदान करने वाला यह सांस्कृतिक मेला, निश्चित रूप से हमारी आगामी पीढ़ी के लिए सामाजिक समरसता को प्रगाढ़ करने का कार्य करेगा। ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से हमारे राज्य के कलाकारों को भी एक मंच प्राप्त होता है और उनकी कला को प्रोत्साहन मिलता है।

इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का धन्यवाद व आभार प्रकट करते हुए कहा कि बेहतर तालमेल से मेले का सफल संचालन सम्भव हो सका। उन्होंने मेले में आये मेलार्थियों, व्यापारियों एवं कलाकारों का भी आभार व्यक्त किया।

उत्तरायणी मेला के तहत विभिन्न विभागों द्वारा लगाया गये स्टालों में ग्राम्य विकास विभाग प्रथम, पशुपालन द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर वन विभाग रहा। इसके अतिरिक्त उत्तरायणी मेले के दौरान आयोजित की गयी विभिन्न प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इसके अतिरिक्त समापन अवसर पर शतरंज खिलाडी सक्षम रौतेला, क्रिकेटर दीपक धपोला, फुटबाल खिलाडी रोहित दानू के साथ ही कला व समाज के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले व्यक्तियों व बेहतर सफाई व्यवस्था के लिए पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया गया।

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इस मौके पर पर ब्लॉक प्रमुख पुष्पा देवी, हेमा बिष्ट, उपाध्यक्ष जिला पंचायत नवीन परिहार, सभासद प्रेम सिंह हरडिया, नवीन आर्या, नीमा दफौटी, नीमा देवी, कैलाश राम, रूपा देवी, नितेश कुमार वर्मा, मोहन चन्द्र उप्रेती, गोविन्द भण्डारी, बाला दत्त तिवारी, रणजीत बोरा, शेर सिंह धपोला, रघुवीर, हरीश सौनी, भवनी राम आगरी, दरवान राम, मनोज कपकोटी, दीपक खेतवाल, अजय चन्दोला
ईओ नगरपालिका सतीश कुमार, मौजूद थे।
कार्यक्रम का संचालन जयंत सिंह भाकुनी द्वारा किया गया।

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