बागेश्वर के प्रो. डीएस रावत बने कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति, रैखोली गांव में बंटी मिठाई

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बागेश्वर। बुधवार का दिन जिले के लिए गौरव का पल लेकर आया है। जिले के रैखोली गांव निवासी प्रो. डीएस रावत कुमाऊं विश्वविद्यालय के नए कुलपति बनाए गए हैं। उनकी उपलब्धि पर गांव में जश्न का माहौल है और उनके परिवार वालों को लगातार बधाई मिल रही है।


प्रो. रावत का बचपन गांव में ही बीता है। सरकारी स्कूल से पढ़ाई की शुरुवात कर उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से उच्च पद हासिल किया। उन्होंने पांचवी तक की शिक्षा राजकीय प्राथमिक विद्यालय रैखोली से हासिल की। कक्षा छह से नौ तक की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज बोहाला से की।  नैनीताल से उन्होंने दसवीं और इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी की। डीएसबी परिसर नैनीताल से बीएससी की परीक्षा पास की। रसायन विज्ञान में गोल्ड मेडल हासिल करते हुए एमएसी उत्तीर्ण की। लखनऊ से वर्ष 1997-98 में पीएचडी हासिल की। वर्ष 2003 में दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बने। वर्तमान में दिल्ली यूनिवर्सिटी में रसायन विज्ञान के सीनियर प्रोफसर और परीक्षा डीन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। हाल में रामनगर में संपन्न हुई जी 20 सम्मेलन की बैठक में वह भी शामिल रहे थे।
  हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर हेमवती नंदन पांडेय ने बताया कि प्रो. रावत उनके सीनियर रहे हैं। उनके कुलपति बनने से कुमाऊं विश्वविद्यालय को काफी लाभ होगा।
  प्रो. रावत की उपलब्धि पर जिपं अध्यक्ष बसंती देव, विधायक सुरेश गढ़िया, भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्र सिंह फर्श्वान, जिपं सदस्य चंदन सिंह रावत, भाजपा जिला मंत्री रवि कारायत, भूपाल रौतेला, नरेंद्र सिंह रावत समेत तमाम क्षेत्र और जिले वासियों ने खुशी जताई है।

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