किसान, बागवान और पशुपालकों के उत्पाद को बाजार उपलब्ध कराने को करें कार्य: जोशी, डीएम ने दिलाया सर्वांगीण विकास का भरोसा

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बागेश्वर। स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर इंपावरिंग एंड ट्रांसफॉर्मिंग उत्तराखंड (सेतु) के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी ने विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विभागीय कार्य योजना,जिले में विशेष प्रोजेक्ट, जिला योजना,एसडीजी की समीक्षा की। विभागों की चुनौतियों और नवाचार को लेकर बैठक की।

   उपाध्यक्ष जोशी ने जिले के नियोजित विकास के लिए इनपुट, आउटपुट की धारणा पर आधारित योजनाओं को प्राथमिकता देने,  किसान, बागवानों और पशुपालकों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए बड़े संगठनों से तारतम्य स्थापित करने को कहा। ताकि किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि जिले में किसानों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए अनेक संभावनाएं है। कृषि, उद्यान आदि क्षेत्र में सप्लाई चैन को बेहतर करने के साथ ही दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना होगा।  उन्होंने कहा कि सुनियोजित विकास के लिए हमारी दृष्टि  योजनबद्ध तरीके से कार्य करने की होनी चाहिए। योजनाओं को लक्ष्य आधरित बनाने के लिए हर विभाग को कार्य करने की आवश्यकता है इस क्षेत्र में सेतु टीम भी इनपुट, आऊटपुट और आउटकम में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला योजना गांव के विकास के पथ पर अग्रसर करता है,सेतु आयोग जिला प्लान को और बेहतर और सुधार करने की दिशा में काम कर रहा है।

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   उपाध्यक्ष जोशी ने बैठक में कहा कि किसी भी विकास के लिए उससे संबंधित आंकड़ों की जानकारी का होना महत्वपूर्ण है। डेटाबेस से ही हम एक बेहतर नीति तैयार कर सकते हैं। इसके लिए तकनीकी ज्ञान भी होना जरुरी है। उन्होंने सौर उर्जा का अत्यधिक दोहन करने, सडक जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने, जल और पर्यावरण सरंक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल करने पर जोर दिया।

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   जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि जिले के सर्वांगीण विकास के लिए इनपुट, आऊटपुट व आऊटकम की अवधारणा को पूरा करने का लक्ष्य रखा जाएगा। उन्होंने जिले के विकासात्मक कार्यों को धरातलीय स्वरूप प्रदान कर सुनियोजित विकास पर जोर दिया। उसके उपरांत जिलाधिकारी ने जिला योजना 2024-25 की कार्य योजना को लेकर अधिकारियों की बैठक ली।

   बैठक में सेतु के अनुश्रवण एवं मूल्यांकन विशेषज्ञ शैलेन्द्र कुमार, निदेशक डॉ. मनोज पंत, मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी बिमी जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी जीएस सोन, उद्यान अधिकारी आरके सिंह, पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार बर्मन, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अनुपमा ह्यंकी, अर्थ एवं संख्याधिकारी दिनेश रावत आदि मौजूद रहे।