पहाड़ी आर्मी के प्रदेश मंत्री बने भूपेंद्र कोरंगा, संगठन के माध्यम से पहाड़ हित में कार्य करने की कही बात

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बागेश्वर जिले के लीती गांव निवासी इंटरनेशनल यूथ आईकॉन अवॉर्ड 2022 से सम्मानित भूपेंद्र कोरंगा को पहाड़ी आर्मी ने प्रदेश मंत्री का दायित्व सौंपा गया है। पिछले एक वर्ष से पहाड़ी आर्मी गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने को लेकर आंदोलन को लेकर चर्चा में है। पर्वतीय अस्मिता, पहाड़ी संस्कृति एवं पहाड़ी संसाधनों की रक्षा के उद्देश्य से गठित पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड के संस्थापक / अध्यक्ष हरीश रावत द्वारा हल्द्वानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश कार्यकारिणी गठन की जानकारी दी है। उत्तराखंड के प्रदेश कार्यकारिणी में पहाड़ के प्रति समर्पित 120 लोगों को दायित्व दिया गया है।
भूपेंद्र कोरंगा कई वर्षों से उत्तराखंड की संस्कृति के प्रचार प्रसार एवं संरक्षण एवं उत्तराखंड के कलाकारों को मंच देने के उद्देश्य से कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम पूरे प्रदेश भर में आयोजित कराते हैं। कई किसान काश्तकारों से जुड़कर उनके द्वारा निर्मित प्योर पहाड़ी उत्पादों को प्रदेश एवं प्रदेश से बाहर विपणन करते हैं। पहाड़ की जन समस्याओं को लेकर शासन प्रशासन तक कई आंदोलनों के माध्यम से अपनी बात पहुंचाने का कार्य भी समय-समय पर भूपेंद्र कोरंगा द्वारा किया जाता रहा है।
प्रदेश मंत्री के पद पर जिम्मेदारी मिलने के बाद भूपेंद्र कोरंगा ने कहा कि अपने पहाड़ के लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने का पहाड़ी आर्मी एक बेहतरीन प्लेटफार्म है। पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड एक राजनीतिक संगठन नहीं बल्कि एक सामाजिक संगठन है। वह इसके माध्यम से सभी पहाड़ियों को एकजुट कर पहाड़ हित में मजबूती से कार्य करेंगे।

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