निर्माण कार्यों का स्वयं निरीक्षण और सत्यापन करें अधिकारी: डीएम, कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक

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बागेश्वर। जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने वृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना, राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित एवं बाहय सहायतित योजनाओं में विभागों की प्रगति समीक्षा की। उन्होंने विकास कार्यो को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करते हुए अवमुक्त धनराशि को शत प्रतिशत व्यय करने के निर्देश विभागों को दिए। उन्होंने सरकार की योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए मॉनिटरिंग एवं कार्य योजनाबद्ध तरीके से करने को कहा। अधिकारियों को कार्यदायी संस्थाओं से निर्माण कार्यो की रिपोर्ट लेते हुए उनका सत्यापन करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यो का स्वंय निरीक्षण व सत्यापन कर लें ताकि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ ही समयबद्धता के साथ पूर्ण हो सके। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने धरातल पर चालू एवं पूर्ण निर्माण कार्यों के सत्यापन के लिए गठित टास्क फोर्स अधिकारियों को जिलाधिकारी ने अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर विकास कार्यो का सत्यापन कर आंख्या अर्थ एवं संख्या विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों के द्वारा लापरवाही बरती जाने पर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की चेतावनी दी।

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जिलाधिकारी ने कहा कि जिला योजना में आवंटित धनराशि को प्रत्येक दशा में शत प्रतिशत व्यय करना सुनिश्चित करें। राज्य सेक्टर, केन्द्र पोषित एवं बहाय सहायतित योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अवशेष कार्यों में तेजी लाने के निर्देश विभागों को दिए। बीस सूत्री कार्यक्रम में निर्धारित लक्ष्य हासिल करने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा से जिन विभागों की परिसंपत्तियों की क्षति हुई है उन सभी कार्यो के प्रस्ताव विभाग संबंधित को दे साथ ही कहा कि यदि कोई क्षति नहीं हुई है तो अधिकारी इस आशय का भी प्रमाण पत्र देना सुनिश्चित करेंगे।

जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने दिनेश रावत ने अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष में जिला योजना के अंतर्गत अवमुक्त धनराशि 5519.19 लाख के सापेक्ष विभागों द्वारा 82.89 प्रतिशत धनराशि व्यय कर ली गई है। राज्य सेक्टर में 17233.33 लाख के सापेक्ष 76.97 प्रतिशत, केन्द्र पोषित में 19176.34 लाख के सापेक्ष 97.07 प्रतिशत धनराशि विभागों द्वारा व्यय की गई है।

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बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी, प्रभागीय वनाधिकारी उमेश तिवारी, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, मुख्य शिक्षा अधिकारी जीएस सौन, उद्यान अधिकारी आरके सिंह, कृषि अधिकारी डॉ गीतांजलि बंगारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ देवेश चौहान, अर्थ सख्याधिकारी दिनेश रावत, ईई लोनिवि डीएस कुटियाल, सिंचाई केके जोशी, जल संस्थान डीएस देवडी, जल निगम वीके रवि, परियोजना अधिकारी उरेडा मयंक नौटियाल, जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।