पर्व और त्योहारों के महत्व और गाथा का ज्ञान कराएगी पर्वोत्सव मीमांशा: डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी

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बागेश्वर। ​सनातन धर्म में कई त्योहार और पर्व मनाए जाते हैं। इन पर्वों को लोग पीढि़यों से मनाते आ रहे हैं। हमारे प्रत्येक पर्व या त्योहार के पीछे कोई न कोई तर्क, गाथा या कथा जुड़ी रहती है। बदलते समय के साथ लोग इन गाथाओं से अन​भिज्ञ होते जा रहे हैं। लोगों को हमारे पर्वों की महत्ता और उनसे जुड़ी बातों का बोध कराने के लिए
शिक्षक/आचार्य डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी ने पर्वोमीमांशा नामक पुस्तक की रचना की है। रविवार को बागनाथ मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन किया गया।
पुस्तक के रचयिता डॉ. जोशी ने बताया कि पुस्तक में सनातन धर्म के चैत्र से फाल्गुन तक पूरे 12 महीने में होने वाले हर छोटे-बड़े पर्व और त्योहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। करीब 300 पृष्ठों की पुस्तक में हर पर्व का आध्या​त्मिक और वैज्ञानिक महत्व और उनसे जुड़ी गाथा, कथा, तर्क आदि की शोधपरक जानकारी दी गई है। लंबे समय से डॉ. जोशी पुस्तक की रूपरेखा तैयार कर रहे थे। कई साल के शोध के बाद उन्होंने इसे व्यव​स्थित किया और पुस्तक के रूप में लोगों के सामने रखा है। ंउनकी लिखी पुस्तक लोगों को पर्व और त्योहार को लेकर सटीक जानकारी प्रदान कर उनका मार्गदर्शन करेगी।